होशंगाबाद-प्रदेश में स्कूलों में पढ़ाई शुरू होने का समय सुबह 7-8 बजे है इसके लिये इन बच्चों को इस कड़कडाती ठण्ड में रात्रि के अंतिम प्रहर में 4-5 बजे नींद से जागना होता है। उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा दिलाने की होड़ में माता-पिता बच्चों को नींद में उठाकर, मुॅॅह धुलाकर,स्कूल की ड्रेस पहनाकर तैयार करते समय भूल रहे है कि इससे बच्चों के स्वास्थ्य एवं शारीरिक विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। नागरिक अधिकार जनसमस्या निराकरण समिति द्वारा मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपकर स्कूल की पारी सुबह 10 बजे के बाद किये जाने की माॅग की है। अधिकांश नगरों में स्कूल और घर की दूरी ज्यादा है ऐसी स्थिति में बच्चों को स्कूल पहुॅचाने की अधिकांश व्यवस्था आटो-मिनी बसें,टेक्सियाॅ-मारूति बेन से पूरी की जाती है। उक्त वाहनों के ड्रायवर बच्चों को लेने सुबह-साढ़े 5 बजे से शुरू करते है और आसपास के मोहल्लों के बच्चों को एक़ित्रत करने में एक-दो घन्टे चक्कर लगाकर 7 बजे तक स्कूल पहुॅचते है, कुछेक को आठ बजे पहुॅचना होता है। ये उनींदी बच्चे रात 4 बजे के बाद जागने पर न तो शौच आदि से निवृत्त हो पाते है और ना ही स्कूल में पढ़ाई के दरम्यान शौच आदि का समय होने पर अवकाश होने तक इस क्रिया को रोके रखकर गहरे मानसिक अवसाद में जीने को विवश होना पड़ता है। श्री यादव के अनुसार ऐसे बच्चों का बचपन विषतुल्य हो रहा है और उनमें मानसिक अवसाद एवं चिढ़चिढ़ापन हावी हो रहा है जिस पर रोक लगनी चाहिये। नागरिक अधिकार जनसमस्या निराकरण समिति के अध्यक्ष श्री ए.आर.यादव के अनुसर आज प्रत्येक माता-पिता चाहते है कि उनके बच्चे की पूर्ण क्षमता का विकास संपूर्ण आयामों से हो और वे प्रतिस्पर्धा में सदैव अब्बल आये, इसी अंधी चाहत ने आज स्कूली शिक्षा को चुनौतियाॅ से भर दिया है जिसे लाॅघना हर बच्चे की मजबूरी है। यही कारण है कि इसकी आड़ में बाल अधिकारों का जमकर उल्लंघन हो रहा है जो चिंता का विषय है। यहाॅ पालकों एवं स्कूलों की जबावदेही तय होनी चाहिये कि वे बच्चों के अधिकारों के पहरेदार बने,किन्तु वे असमर्थ बने रहकर बच्चों को कुंठित जीवन देने को राजी बने है जो सिर्फ उनका मानसिक पागलपन है, जो नहीं होना चाहिये। बचपन को कुंठा से बचाने के लिये पूरे प्रदेश के सभी प्राथमिक-मिडिल स्कूलों में सुबह 7 बजे के स्थान पर 10-11 बजे इन बच्चों के स्कूल चालू करने की माॅग की गयी है इस हेतु स्कूल शिक्षा मंत्री, अपरसचिव स्कूल शिक्षा विभाग,आयुक्त स्कूल, आयुक्त नर्मदापुरम संभाग होशंगाबाद एवं कलेक्टर होशंगाबाद आदि से स्कूलों के समय में परिवर्तन करने की माॅग की गयी है।