होशंगाबाद-सामाजिक परिवर्तन की सूचक प्रदेश की सभी जेलों में बंदी सुधार हेतु अभिनव प्रयोगों के तहत लम्बे समय से निरूद्ध विचाराधीन एवं सजायाफ्ता बंदियों को उनकी योग्यतानुसार व्यवसायिक प्रशिक्षण, कम्प्यूटर कोर्स,इंजीनियरिंग डिप्लोमा आदि की सार्थक पहल शुरू करने की माॅग नागरिक अधिकार जनसमस्या निराकरण समिति के अध्यक्ष ए.आर.यादव ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान के नाम कलेक्टर होशंगाबाद के यहाॅ माॅग की है। श्री यादव के अनुसार जेलों में जहाॅ महिला बैरकों में महिला बंदियों को सिलाई-कढ़ाई,स्टेनों,स्क्रीन प्रिन्टिग का प्रशिक्षण प्रत्येक जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बालविकास, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी, जन अभियान परिषद एवं शहरी विकास अभिकरण आदि के माध्यम से कौशन उन्नयन कार्यक्रम की तरह प्रशिक्षु एनजीओ अथवा विभागों के माध्यम से कार्यक्रम चलाये जाये ताकि सजा काटने के बाद जेल से रिहा होने वाले बंदियों को समाज की मुख्यधारा में जुड़नंे के लिये यह अनुभव रोजगार दिलाने में सहायक होगा और वे सम्मान के साथ स्वावलम्बी बन सकेंगे। पढ़े लिखे युवा बंदियों को 3 वर्ष का इंजीनियरिंग कोर्स, सहित बढ़ई, लकड़ी पर नक्कासी इत्यादि का प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर किया जा सकता है। पूर्व में केन्द्रीय जेल भोपाल का हवाला देते हुये श्री यादव ने कहा कि जिस प्रकार भोपाल जेल में जेल विभाग एवं निर्माण उद्योग विकास परिषद नईदिल्ली ने 3 वर्ष का इंजीनियरिंग का डिप्लोमा शुरू किया था उसे प्रदेश की सभी जेलों में शुरू किया जाना चाहिये तथा निर्माण एवं सृजन निमति केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में चलाये गये स्वरोजगार प्रशिक्षण के बाद बंदियों को जारी किये गये प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के तहत आज महिला बंदियों सहित पुरूष बंदियों को इन स्वरोजगारमूलक योजनाओं के प्रशिक्षण की आवश्यकता है ताकि बंदियों का पुर्नवास के बाद वे किसी कलंक की व्यथा को भूलकर मुख्यधारा से जुड़ सक