इनायत सिद्दीकी, जिला प्रतिनिधि
उमरिया। बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व के कल्लवाह रेंज में बीती रात्रि बाघ ने नर शावक का शिकार किया है इस घटना में बाघ ने शावक का शिकार कर शरीर के कई हिस्सों को भी खा लिया है बताया जाता है कि इस मामले की जानकारी पार्क प्रबंधन को शुक्रवार को सुबह मिली जिसके बाद कार्यवाही कर शावक का पीएम किया गया है। विदित हो कि जंगल में वनराज नर शावकों को अपना प्रतिद्वंदी मानता है और बाघिन मां के अनुपस्थिती में शावको का शिकार कर उसे मार डालता है इस घटना में जिस नर शावक की मौत हुई है वह भी महज तीन माह का बताया जा रहा है। इस मामले में यह भी बात सामने आ रही है कि शावक का शिकार कर कई घंटे तक बाघ आस पास बना रहा जिससे पार्क प्रबंधन मृत शावक को घटना स्थल से हटाने में भी देर तक मशक्कत करता रहा। शुक्रवार की दोपहर पार्क प्रबंधन ने गुपचुप तरीके से शावक के शव का पीएम करा अंतिम संस्कार करा दिया है।
क्षेत्र संचालक मृदुल पाठक ने अभी हाल में ही क्षेत्र संचालक का पद भार संभाला है। जानकारों की माने तो इनके पद भार संभालने के बाद शुक्रवार को हुई बाघ शावक सहित तीन बाघों की मौत हो चुकी है जिससे वन्य प्राणियों के संरक्षण पर एक बड़ा सवाल आन पड़ा है। विदित हो कि पार्क क्षेत्र में अभी वर्तमान में डेढ़ सौ से अधिक बाघ मौजूद हैं। बाघों के संरक्षण मेें किये जा रहे प्रयास नाकाफी होने की वजह से बांधवगढ़ में निरंतर बाघो की मौत हो रही है जिससे निश्चित ही वन्य प्राणियों के सुरक्षा को लेकर पार्क प्रबंधन के द्वारा किया जा रहा प्रयास नाकाफी है। पर से इस शावक जरूरी है कि पार्क प्रबंधन को बाघ सहित वन्य प्राणियों की सुरक्षा एवं संरक्षण क ी दिशा में और अधिक सार्थक प्रयास करने की जरूरत है। पार्क क्षेत्र में जब भी स्वाभाविक या अस्वाभाविक बाघ की मौत होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के फोन बंद हो जाते हैं जिससे जानकारी अपेक्षाकृत नहीं मिल पाती।