*खरगोन-बड़वानी( नरेन्द्र गुप्ता)* खरगोन बड़वानी लोकसभा क्षेत्र के सांसद और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र सिंह पटेल ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में संगठनात्मक कौशल और दृढ़ नेतृत्व का प्रदर्शन करते हुए महायुति गठबंधन को ऐतिहासिक जीत दिलाई। महाराष्ट्र के नंदुरबार और धूलिया जिलों की 12 विधानसभा सीटों की सौंपी थी जिम्मेदारी —अक्कलकुआ, शहादा, नंदूरबार, नवापुर, साक्री, शिरपुर, धूलिया, धूलिया ग्रामीण, शिंदखेड़ा, मालेगांव मध्य, मालेगांव बाहरी और बागलान—की जिम्मेदारी गजेंद्र सिंह पटेल को सौंपी गई थी। उनकी रणनीतिक समझ और मजबूत संगठन क्षमता के परिणामस्वरूप महायुति गठबंधन ने सभी 12 सीटों पर जीत हासिल की। भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) और अन्य सहयोगी दलों के बीच सामंजस्य स्थापित कर चुनावी रणनीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया। सांसद पटेल ने चुनाव अभियान के दौरान तीन महीने का व्यापक प्रवास कर कार्यकर्ताओं को संगठित और सक्रिय किया। बूथ संरचना को मजबूत करते हुए कार्यकर्ताओं में विश्वास और उत्साह का संचार किया। विभिन्न छोटे-बड़े कार्यक्रमों, रैलियों और बैठकों के माध्यम से जनता के बीच भाजपा महायुति की नीतियों और विजन को पहुंचाया। गुजरात और मध्यप्रदेश के भाजपा के विधायको,सांसद ओर अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सभी विधानसभा के क्षेत्रों में अपना बूथ सबसे मजबूत अभियान को लेकर कार्य किया। यह पहली बार नहीं है जब सांसद गजेंद्र सिंह पटेल को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई हो। इससे पहले उन्होंने गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गोवा, उड़ीसा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के चुनावों में अपनी रणनीतिक कौशल और संगठनात्मक अनुभव से पार्टी को बड़ी सफलताएं दिलाई हैं। गजेंद्र सिंह पटेल का नेतृत्व केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है; यह निमाड़ क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के स्तर पर भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को सशक्त किया है। सांसद पटेल ने कहा -"यह जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत, महायुति के गठबंधन की एकता और जनता के विश्वास का परिणाम है। पार्टी का हर कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्ध है। हम सभी के सहयोग से इस जीत को विकास के साथ सेवा का आधार बनाएंगे।
सांसद पटेल के लगातार तीन माह के प्रवास और संघ और भाजपा की रीतिनीति से उनके प्रभार की 12 विधानसभा सीटों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की।