बड़वानी( नरेन्द्र गुप्ता)-उत्कृष्ट विद्यालय बडवानी तथा पी.एम. श्री शा. उ. मा. वि. बडवानी में अध्ययनरत स्कूली बच्चो को विद्यालय की यूनिफार्म मे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के द्वारा शहर में व्यस्ततम मार्गो से रैली निकाली गई तथा नगर के व्यस्ततम कौर्ट चौराहे पर जाकर कार्यक्रम किया गया जबकि निर्माण कार्यों को लेकर शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरफ डगमगा रही है। बच्चो के साथ किसी भी अनहोनी की दशा में जिम्मेदार कौन होगा यहां सवाल भी उठता है कि क्या स्कूल प्रबंधन ने उन बच्चों को रैली में जाने से रोका था क्या अभिभावकों की अनुमति लेकर बच्चों को विद्यालय यूनिफार्म मे जुलूस में शामिल किया गया था क्या इस तरह से बच्चों को लेकर जुलूस निकाला जाना चाहिए। शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को किसी भी समारोह-कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिये बच्चों का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई तो प्रभावित होती ही है उनके व्यक्तित्व पर भी बुरा असर पड़ता है। जुलूस या रैली में जबरन शामिल कराना पूरी तरह से गलत है। छात्र-छात्राओं को किसी जुलूस व रैली में शामिल नहीं किया जा सकता। विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा अन्य प्रकार की गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति ना दी जावे। बच्चों को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की रैली में विद्यालयों द्वारा शामिल किया गया था या फिर स्वेच्छा से अभिभावक उन्हें लेकर आए थे। यदि जबरन लाया गया था कुछ स्कूल के कर्मचारी भी इस कार्यक्र मे सम्मिलित थे। जो भी इसके लिए भी प्रार्चाय, शिक्षक, अन्य कर्मचारी दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करे । छात्रों को पढने की जगह छात्र संगठन की रैली-सभा में जाने की छूट नहीं दी जानी चाहिए तथा ऐसा करने वालों शिक्षकों और जिम्मेवार लोगों के खिलाफ विभाग की ओर से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कार्यवाही नही होने की दशा मे एन.एस.य.आई. छात्र संगठन द्वारा उग्र अंदोलन करने पर बाध्य होना पडेगा। जिसकी जिम्मेदार प्रशासन की रहेगी। इस दौरान अशरफ़ मंसूरी,बादल गिरासे,अंकित निगवाल,ललित चौधरी,हरिश चैहान,संदीप पावर,आशिष जमरे,फरहान शाह,आकाश शिमले,सागर मोरे,कामिल शेख,अर्जुन,अयान ख़ान,शाहनवाज़,
एन एस यू आइ ने रैली में स्कूली बच्चो को अवैध रूप से ले जाने का विरोध किया