राजगढ़. बड़ा सवाल राजगढ़ प्रशासन क्यों नहीं दे पाया रिपोर्ट? इस पूरे मामले में राजगढ़ प्रशासन के काम पर सवाल खड़े हो रहे हैं। करीब दो सप्ताह से सर्वे कार्य चल रहा है। फोटो सेशन वाले फसल कटाई प्रयोग भी हो रहे हैं और कुछ चर्चाएं विभागीय अफसर कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई अधिकृत तौर पर यह बताने को तैयार नहीं है कि आखिर नुकसान कितना हुआ? ऐसे में सवाल यही है कि आखिर यह लेटलतीफी क्यों हो रही है? इतने दिन के सर्वे के बाद, इतना नुकसान दिखाई देने और नाम मात्र का उत्पादन होने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों ने शासन के समक्ष रिपोर्ट्स प्रस्तुत नहीं की? ये तमाम सवाल हैं जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर तमाम प्रकार के सवाल खड़े हो रहे हैं? राजगढ़. अतिवृष्टि और पीले मोजेक सहित कीटों के प्रकोप से खराब हुई फसलों की राहत राशि मप्र सरकार ने जारी की है। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 जिलों के लिए राशि जारी की है, वहां के जनप्रतिनिधियों और किसानों से भी वीसी के माध्यम से बात की लेकिन अभी तक राजगढ़ जिले का नाम उसमें शामिल नहीं है, जो कि बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार प्राकृतिक आपदा से खराब हुई फसलों की क्षति की आपूर्ति के लिए राहत राशि जारी की गई है। यह राशि सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगी। इसकी वीसी शुक्रवार को सीएम ने खुद ली, लेकिन खास बात यह है कि इसमें राजगढ़ का नाम शामिल नहीं है। इसके पीछे बड़ा कारण सामने आया है कि प्रशासन ने अभी तक नुकसान की रिपोर्ट शासन के समक्ष प्रस्तुत ही नहीं की। यानी कितना नुकसान हुआ, सर्वे रिपोर्ट्स क्या बता रही हैं, यह अभी तक वरिष्ठ अफसरों तक नहीं पहुंचा है। यानी सिर्फ कागजी सर्वे इतने दिनों से चल रहे हैं। इसीलिए किसानों में नाराजगी है, यह पूरा मामला शुक्रवार को दिनभर छाया रहा, जिसमें सीधा तर्क निकलकर आया है कि राजगढ़ की प्रशासनिक टीम किसानों के नुकसान की रिपोर्ट नहीं बना पाई, इसीलिए नुकसान वाली कैटेगिरी में उसे शामिल नहीं किया गया। कुल मिलाकर सीधे तौर पर यह राजस्व और कृषि विभाग के साथ ही प्रशासन की लापरवाही है, जिसके चलते अभी तक रिपोर्ट नहीं दी गई। यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहा है। इसमें यह कहा जा रहा है कि इन 17 जिलों के अलावा राजगढ़ में क्या किसान नहीं रहते, क्या यहां नुकसान नहीं हुआ? आखिर यहां के पांच विधायक, दो मंत्री क्या कर रहे हैं? करीब 15 दिन से प्रशासन सर्वे कर रहा है तो क्या उन्हें नुकसान नजर नहीं आया। राजगढ़ जिले के कई खेतों में किसानों की फसलें पूरी तरह से चौपट हुई हैं लेकिन अभी तक उनका मूल्यांकन क्यों नहीं किया गया? यह सीधे तौर पर जिले के किसानों के साथ ठगी है। विपक्ष के तौर पर कांग्रेस ने भी इस पर निशाना साधा है कि राजगढ़ के दो मंत्रियों और विधायकों को किसानों की खराब फसल नजर नहीं आती क्या? या यहां किसान नहीं रहते?जिम्मेदारों का किया कहना - मुख्यमंत्री ने 17 जिले के जनप्रतिनिधियों-किसानों से वीसी में बात की। जैसे प्रकरण आएंगे, वैसे मिल जाएंगे अभी राजगढ़ में राहत के प्रकरण नहीं बने हैं, इसलिए अभी तक रिपोर्ट नहीं भेजी गई। जिन जिलों के प्रकरण पहुंचे उन्हें राहत राशि मिली है। अब जब अपने बनेंगे तो शामिल हो जाएंगे। राहत राशि के प्रकरण अपने यहां से नहीं पहुंचे है। इस अवधि में जो बने होंगे वे वितरण होंगे, जब अगली बार वितरण होंगे, तब मिल जाएगा। जैसे-जैसे प्रकरण आते जाएंगे, वैसे आ जाएंगे। अभी तक काम चल ही रहा है, रिपोर्ट्स नहीं आई हैं। -प्रतापसिंह चौहान , एडीएम, राजगढ़
सीएम ने 17 जिलों के लिए राशि जारी की लेकिन राजगढ़ जिले के किसानों को कुछ नहीं मिला प्रशासन नहीं भेज पाया सर्वे रिपोर्ट सोशल मिडिया पर भाजपा के 5 विधायक एक सांसद 2मंत्रियो को रहा विरोध