इंडिया तेज़ न्यूज़ डेस्क- कर्नाटक के बेलगावी जिले के हलगा गांव में हर शाम ठीक 7 बजे एक अनोखा और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिलता है। जैसे ही ग्राम पंचायत कार्यालय से सायरन बजता है, गांव के लगभग सभी घरों में टीवी बंद हो जाते हैं और मोबाइल फोन साइलेंट या ऑफ कर दिए जाते हैं। यह पहल ‘डिजिटल ऑफ’ नाम से शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को कुछ समय के लिए डिजिटल दुनिया से दूर करना है। गांव में रोजाना दो घंटे तक यह नियम लागू रहता है। इस दौरान बच्चे मोबाइल और टीवी से दूरी बनाकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान देते हैं, खासतौर पर SSLC बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। अभिभावकों का कहना है कि डिजिटल ऑफ के समय बच्चों की एकाग्रता बढ़ी है और पढ़ाई में सुधार नजर आ रहा है। सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि बड़े भी इस समय का सकारात्मक उपयोग कर रहे हैं। कोई परिवार के साथ बैठकर बातचीत करता है, तो कोई घर के जरूरी काम निपटाता है। इससे पारिवारिक रिश्तों में भी मजबूती आई है। ग्राम पंचायत के अनुसार, यह अभियान छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है। डिजिटल लत से बचाव और पढ़ाई के अनुकूल माहौल बनाने में यह प्रयोग सफल साबित हो रहा है। हलगा गांव का यह ‘डिजिटल ऑफ’ मॉडल अब दूसरे गांवों के लिए भी प्रेरणा बनता जा रहा है।इस तरह का प्रयोग ओर भी गाँवो मे शुरू होना चाहिए